आज मैं प्रति शुक्रवार अपने स्कूल के बच्चों का परिचय कराने वाली सीरीज़ को रोककर उसके स्थान पर स्कूल में बच्चों के लिए ही आयोजित एक दूसरे कार्यक्रम के बारे में बताना चाहता हूँ: दांतों की डॉक्टरी जाँच शिविर के बारे में!
प्रातः 10 बजे, एक छोटी-सी वैन हमारे आश्रम के पिछले गेट से भीतर आई। वैन के पिछले दरवाजे खुले और बहुत सारे उपकरण बाहर निकलते हुए देखे गए। इतनी सी वैन में इतने सारे उपकरण और दंत-चिकित्सक की एक बड़ी सी कुर्सी का होना ही अपने आप में आश्चर्यजनक था, ऊपर से बहुत से छोटे-छोटे उपकरण भी बाहर निकलते गए, जिनकी सहायता से चिकित्सक बच्चों और बड़ों के दाँतों को अंदर तक देख सकते थे और आवश्यकता पड़ने पर उनकी सफाई भी कर सकते थे। उस गाड़ी में के डी डेंटल कॉलेज, मथुरा से आए 20 दंतचिकित्सकों की एक टीम भी थी, जो हमारे बच्चों के दाँतों की जाँच और आवश्यक होने पर उनका इलाज करने आई थी!
आप कल्पना कर सकते हैं कि हमारे बच्चे आज तक कभी दंतचिकित्सक के क्लीनिक नहीं गए हैं। हमारी एक मित्र, जो मुंबई में एक दंतचिकित्सक है, एक बार यहाँ आई था और उसने हमारे स्कूल के बच्चों के दाँतों की जाँच के बाद उन्हें टूथ ब्रश और टूथ पेस्ट देकर उनके उपयोग का तरीका बताया था। इसके अतिरिक्त, इन बच्चों ने अपने जीवन में अब तक किसी दंतचिकित्सक से भेंट नहीं की है!
ज़्यादातर अभिभावक जानते हैं कि उन्हें अपने बच्चों को दाँतों में ब्रश करना सिखाना चाहिए। अधिकतर घरों में हम देखते हैं कि बच्चों के लिए टूथ ब्रश उपलब्ध हैं। कुछ घरों में नहीं भी होता। और, निस्संदेह यह शंका तो होती ही है कि क्या अभिभावक स्वयं जानते हैं कि किस प्रकार अपने बच्चों को अच्छी तरह ब्रश करने का सही तरीका सिखाएँ।
इन 20 दंतचिकित्सकों ने लगभग 250 बच्चों के दाँतों की न सिर्फ जाँच की बल्कि उनके दाँतों की सफाई करके वाकई बड़ा अद्भुत काम किया है! इन बच्चों में कुछ ऐसे भी थे, जिनके दाँतों की ओर विशेष ध्यान देना आवश्यक जान पड़ा और उन्हें आगे इलाज के लिए डेंटल कॉलेज बुलाया गया है। हम उन्हें अगले सप्ताह वहाँ ले जाएँगे।
यह एक बड़ी सफलता थी और हम खुश हैं कि हम इन बच्चों की सहायता कर पाए और उन्हें मुँह और दाँतों के स्वास्थ्य और उनकी सफाई के बारे में समझा पाये!
यहाँ आप दाँतों की जाँच और उनकी सफाई के कुछ चित्र देख सकते हैं
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