अगर आप बहुत व्यस्त होने के कारण मौज-मस्ती नहीं कर पाते तो आपके साथ कहीं न कहीं कोई गड़बड़ ज़रूर है – 2 मार्च 2015

उत्सव

वृन्दावन में होली-समारोह की शुरुआत हो चुकी है! अगर आप होली के बारे में अभी भी नहीं जानते तो यह समझिए कि यह रंगों का मस्ती भरा त्योहार है, जो एक दिन के लिए तो भारत भर में मनाया ही जाता है लेकिन हमारे इलाके, ब्रज में यह पूरे एक सप्ताह चलता है! पुरातन काल में फसल कटाई के बाद धन्यवाद देने के लिए मनाए जाने वाले समारोह के साथ इसकी शुरुआत हुई थी और आज इसे हर तरह के हँसी-मज़ाक और अराजक मौज-मस्ती के साथ मनाया जाता है। एक दूसरे पर रंगीन पानी की बौछार की जाती है और सूखे रंगों का प्रयोग भी किया जाता है। थोड़ा हुड़दंग और बहुत सारी मौज-मस्ती होती है!

बहुत से लोग समझते हैं कि होली सिर्फ बच्चों का त्योहार होता है। स्वाभाविक ही बच्चे सारा साल इस त्योहार का इंतज़ार करते हैं लेकिन इस त्योहार में वयस्कों के लिए भी बहुत से मौज-मस्ती के अवसर उपलब्ध होते हैं! और अगर आप इसमें कोई मज़ा नहीं पाते तो मैं यही कहूँगा कि आप कुछ गलत कर रहे हैं, कुछ खो रहे हैं! मैं कहना चाहता हूँ कि यह बात सिर्फ होली के लिए ही सही नहीं है बल्कि हर तरह के समारोह के लिए, जिसे नीचे दिए गए कारणों से आप छोड़ देते हैं, सही है।

संभव है, आप इतना व्यस्त रहते हैं कि त्योहार मनाने का या समारोहों में सक्रिय भागीदारी का आपके पास समय नहीं होता। मैं जानता हूँ कि आपके पास बहुत काम है। कई परियोजनाएँ हैं, जिनकी ज़िम्मेदारी आप पर है, लोगों को फोन करना है, उनसे मिलना-जुलना है और बहुत सी कागजी कार्यवाहियाँ पूरी की जानी हैं। आपके जीवन का यह सबसे व्यस्त समय है और आप अपने ग्राहकों या अपने कंप्यूटर को छोड़कर कहीं नहीं जा सकते कि त्योहारों का या समारोहों का आनंद ले सकें।

हो सकता है कि आप किसी कारण से उदास हैं और सोचते हैं कि त्योहार मनाने का आपका मूड नहीं हैं। आप कमरे में बैठे हुए पाते हैं कि आप बहुत अवसाद ग्रस्त हैं और इतना दुखी हैं कि खुश होने का आपका मन ही नहीं है। या शायद आप अपने दुख में ही खुश हैं!

ये बेहूदी या निरर्थक बातें हैं! अगर आप हर वक़्त व्यस्त रहते हैं, इतने तनाव में हैं कि जीवन का आनंद ही नहीं ले सकते तो फिर आखिर जीवन किसलिए है? और क्या आप नहीं समझते कि मनमौजी लोगों के साथ घुलमिलकर, मौज-मस्ती करके, खुशमिजाज़ मित्रों के साथ मिलकर थोड़ा हँसी-मज़ाक करके आपका मूड ठीक ही होगा?

अगर आप अभी बाहर नहीं निकलते, अपने बच्चों, अपने साथी या अपने मित्रों के साथ या अपने आप में, खुद ही त्योहार का मज़ा नहीं लेते तो भविष्य में आप अवश्य पछताएंगे। अगर आज आप बाहर निकलकर लोगों के साथ त्योहारों का रस लेते हैं तो आप न सिर्फ आज खुश होंगे बल्कि आने वाले वर्षों में भी आपका बहुत सारा समय इन पलों को याद करके भी इस खुशी में सराबोर रहेगा। इस मौज-मस्ती की यादें आपको सदा गुदगुदाती रहेंगी!

कभी-कभी थोड़ा सा अंदरूनी परिवर्तन, एक सक्रिय कदम, समारोहों और त्योहारों में शामिल होने का निर्णय-खुश होने का, उल्लसित होने का निर्णय आवश्यक होता है!

Leave a Comment