Home > Category: उत्सव

स्वामी बालेन्दु उत्सव प्रिय हैं! कोई भी बहाना हो, खुशियाँ और उत्सव मनाना है! भारतीय हो या पश्चिमी बल्कि धार्मिक त्यौहार भी अधार्मिक रूप से मनाते हैं!

ब्लॉग के इस हिस्से में आप विभिन्न उत्सवों और उन्हें कैसे मनाया गया इसके विषय में पढ़ सकते हैं!

दीपों, मिठाइयों और मित्रों के साथ दीवाली का हर्षोल्लास – 11 नवंबर 2015

उत्सव

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि वे, आश्रम-परिवार और आश्रम आए हुए अतिथि दिवाली के अवसर पर क्या-क्या करने वाले हैं और यह भी कि भारत में दीपों का यह पर्व किस प्रकार मनाया जाता है।

2016 में रंगों के त्यौहार, होली की मस्ती में हमारे साथ शामिल हों – 22 अक्टूबर 2015

उत्सव

स्वामी बालेंदु अपने पाठकों को 2016 की होली पर आयोजित मौज-मस्ती के विश्रांति-सत्र के ज़रिए रंगों के उत्सव का आनंद लेने हेतु आश्रम में आमंत्रित कर रहे हैं!

एक और समारोह, जिसने बच्चों को आश्चर्य में डाल दिया – 19 अक्टूबर 2015

उत्सव

आज आश्रम में आयोजित एक और पार्टी का वर्णन करते हुए स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे उनके स्कूल के बच्चों ने न सिर्फ उसमें हिस्सा लिया बल्कि एक सुखद आश्चर्य से भर उठे!

अगर आप बहुत व्यस्त होने के कारण मौज-मस्ती नहीं कर पाते तो आपके साथ कहीं न कहीं कोई गड़बड़ ज़रूर है – 2 मार्च 2015

उत्सव

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि ‘बहुत व्यस्त हूँ’, ‘बहुत थका हूँ’ या ‘अवसादग्रस्त हूँ’ जैसे बहाने बनाकर आपको होली जैसे मस्ती भरे त्योहार से दूर नहीं भागना चाहिए! वे ऐसा क्यों समझते हैं, यहाँ पढिए!

उत्सव – पूर्वी और पश्चिमी संस्कृतियों का आईना – 23 अक्टूबर 2014

उत्सव

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि जर्मनी में मनाए जाने वाले उत्सव समारोहों की तुलना में भारत के उत्सव किस तरह भिन्न होते हैं।

होली मुबारक – 17 मार्च 2014

उत्सव

स्वामी बालेंदु रंगों का भारतीय त्योहार, होली मनाने के पीछे की मूल भावना को स्पष्ट करते हुए सभी को होली-2014 की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ प्रेषित कर रहे हैं!