Category: जाति व्यवस्था
भारत की पाठशालाओं में जातिगत भेदभाव – हमारी समानता! – 17 जुलाई 2012
स्वामी बालेन्दु भारत के स्कूलों में होने वाले जातिगत भेदभाव को लिखते हैं| ... Read More
3 समूह जो जाति-प्रथा को बनाए रखना चाहते हैं और उनके कारण – 20 जून 2012
स्वामी बालेन्दु उन लोगों के विषय में लिखते हैं जोकि जाति प्रथा को बनाये रखना ... Read More
पाँच सुझाव जिन पर अमल से भारत को इस अमानवीय जाति प्रथा से मुक्त किया जा सकता है – 19 जून 2012
स्वामी बालेन्दु जाति व्यवस्था को समाप्त करने के लिए कुछ सुझाव लिख रहे हैं| ... Read More
जाति प्रथा मनाने वालों का दैनिक पाखंड -18 जून 2012
स्वामी बालेन्दु ऊँची जाति वालों के दैनिक पाखण्ड के विषय में लिखते हैं| ... Read More
ऑनर किलिंग का कानूनी संस्करण – अपने बच्चों को बहिष्कृत करना – 22 नवंबर 2011
स्वामी बालेन्दु लिकहते हैं कि किस तरह माँ बाप अपने ही बच्चों को प्रेम विवाह ... Read More
जाति, धर्म, संस्कृति और समाज के नाम पर ‘ऑनर किलिंग’ – 21 नवंबर 2011
स्वामी बालेन्दु जाति और धर्म के नाम पर होने वाली 'ऑनर किलिंग' के विषय में ... Read More
जाति के कारण सम्मान हत्या – प्रेम पर अंकुश लगाने का प्रयास – 18 नवंबर 2011
स्वामी बालेन्दु ऑनर किलिंग के एक केस के फैसले के विषय में लिखते हैं| ... Read More
हिन्दू धर्म में नीची जातियों का सम्मान नहीं है – 03 अक्टूबर 2011
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि क्यों लाखों लोग हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म स्वीकार कर ... Read More
हिन्दू होने का दिखावा करते हुए पश्चिमी लोगों का जाति प्रथा का समर्थन – 20 सितंबर 2011
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि कैसे कुछ विदेशी लोग भी जाति व्यवस्था को बढ़ावा देते ... Read More
हिन्दू धर्म निचली जातियों को मंदिर प्रवेश की इजाजत नहीं देता – 19 अप्रैल 2011
स्वामी बालेन्दु उस अलिखित क़ानून की बात करते हैं जिसके तहत निचली जाति के लोग ... Read More
राष्ट्रमंडल खेल और जाटों के जातीय आरक्षण के बीच क्या संबंध है? – 24 सितंबर 2010
स्वामी बालेन्दु उन जाटों के विषय में लिखते हैं जो आरक्षण के लाभ के लिए ... Read More
21 वीं सदी में जाति प्रथा को भूल जाएँ – 12 सितंबर 2010
स्वामी बालेन्दु जाति व्यवस्था से उत्पन्न दरारों की चर्चा करते हैं| ... Read More
राजनेता जातियों के बीच दरार को बढ़ाते हैं – 11 सितंबर 2010
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि किस तरह राजनेता वोट की राजनीति करके जातियों के बीच ... Read More
राजनीतिज्ञ ज़्यादा वोट पाने के लिए जाति प्रथा का उपयोग करते हैं – 10 सितंबर 2010
स्वामी बालेन्दु लिखते है कि क्यों राजनेता भारत में जातिगत जनगणना कराना चाहते हैं! ... Read More
जातियों के अनुसार जनगणना क्यों की जाती है? – 9 सितंबर 2010
स्वामी बालेन्दु भारत की जातिगत आधार पर जनगणना के विषय में लिखते हैं| ... Read More
तयशुदा विवाह (अरेंजड मैरेज): सिर्फ अपनी जाति में, अपनी उपजाति में – 27 अक्टूबर 2009
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि कुछ लोगों के लिए केवल जाति ही नहीं बल्कि उपजाति ... Read More
जाति के आधार पर विभाजित व्यक्तिगत अखबारी विज्ञापन – 26 अक्टूबर 2009
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि किस तरह अखबारों में जाति के हिसाब विज्ञापन देकर जीवनसाथी ... Read More
भारत की राजनीति, विद्यालय और नौकरियों में जाति व्यवस्था – 25 अक्टूबर 2009
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि किस तरह नेता लोग जाति व्यवस्था को ख़त्म नहीं करना ... Read More
आज के समाज में भी जाति व्यवस्था जीवित है – 24 अक्टूबर 2009
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि किस तरह आज भी लोग जाति व्यवस्था पर विश्वास करते ... Read More
आर्य समाज और जाति विहीन समाज के बारे में उनकी कल्पना – 23 अक्टूबर 2009
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि आर्य समाज के लोग जाति व्यवस्था को नहीं मानते| ... Read More
सभी जातियों के बच्चों के लिए स्कूल – 23 अक्टूबर 2008
स्वामी बालेन्दु जाति प्रथा के बारे में बता रहे हैं जो दुर्भाग्य से समाज के ... Read More
