रमोना का जन्मदिवस समारोह – 20 मार्च 2014

जन्मदिवस

कल रमोना के जन्मदिन का समारोह शानदार रहा! अभी भी नाच-गाने, पेटपूजा और मौज-मस्ती का खुमार उतरा नहीं है! वाकई कल की शाम असाधारण रूप से सुखद और यादगार शाम थी और क्या आप बता सकते हैं कि उसकी सबसे बड़ी खासियत क्या रही-यानी मेरी पत्नी के जन्मदिन को छोड़कर? वह थी बच्चों की ख़ुशी, जिसे कल मैंने पुनः एक बार महसूस किया.

जब भी हमारे यहाँ पार्टी होती है तो हमें एक बात का लाभ हमेशा मिल जाता है: हम अपने स्कूल के बच्चों को आमंत्रित कर पाते हैं. कितने मेहमान आते हैं इस बात की हमें चिंता नहीं करनी पड़ती. हमारे पास हमारे स्कूल के बच्चे होते हैं. हमारी पार्टियां कभी भी बोरिंग नहीं होतीं और उनमें हमेशा जीवंतता और उल्लास नज़र आता है. हमारे स्कूल के बच्चों की बदौलत.

हमने उन्हें एक दिन पहले ही आमंत्रित कर लिया था और इसलिए रमोना के जन्मदिन के पर उन्होंने अपनी शिक्षिकाओं से चित्र बनाने, लिखने और बर्थडे पेंटिंग्स बनाने के लिए थोड़े समय का अवकाश मांग लिया. उनके पास कागज़, रंगीन पेंसिलें और अब अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए समय भी था और जब वे दोपहर में, समय से काफी पहले, एक के बाद एक आना शुरू हुए तो सबके हाथों में रमोना के लिए अपने हाथों से बनाए गए सुन्दर-सुन्दर कार्ड्स थे!

जब बच्चे आने शुरू हुए तब आश्रम परिवार और हमारे मेहमान आश्रम को सजाने में पूरी तरह व्यस्त थे. मेरी सुन्दर पत्नी परिवार द्वारा उसे उपहार में मिले वस्त्रों में सुसज्जित थी: एक बहुत सुन्दर ड्रेस में, जिसे देखकर हमारे कई मित्र आश्चर्यचकित रह गए क्योंकि ड्रेस उसके सामान्य वस्त्रों से असाधारण रूप से भिन्न था! हमने कुछ फ़ोटो लिए और फिर उल्लसित बच्चों को एक के बाद एक आश्रम की ओर आता हुआ देखते रहे.

फिर संगीत शुरू हो गया और लीजिए, बच्चों को एक बार भी कहना नहीं पड़ा और वे नाच-गाने में शामिल हो गए! मिनटों में उनकी झिझक ख़त्म हो गई और वे पागलों की तरह नाचने-गाने लगे, लगता था सीधे नृत्य-विद्यालय से चले आ रहे हों! वे मित्र जो हमारे साथ आश्रम में रह रहे थे, वे भी तैयार होकर आ गए और फिर बाहर से आने वाले मेहमानों का आना शुरू हुआ. बच्चे, जो अब तक अपना संकोच और झिझक त्याग चुके थे, उनके साथ बातचीत करने लगे और हाथ खींच-खींचकर उन्हें डांस-फ्लोर पर ले आए और सबके साथ नाचने-गाने और खेलने-कूदने लगे. रंगबिरंगे वस्त्र पहने, उल्लास में दमकती एक दस साल की बच्ची के साथ कौन नृत्य करना नहीं चाहेगा?

हाँ, ये बच्चे गरीब हैं, परन्तु सभी के पास चमकती हुई कम से कम एक ऐसी ड्रेस भी है जिसे वे सभी उत्सवों में पहनते हैं! हमने उनकी यही ड्रेस कई अवसरों पर देखी है और हम जानते हैं कि हमारी सभी जन्मदिन की पार्टियों में पहनने के लिए उनके पास यही एक इकलौती ड्रेस है मगर उसे पहनकर वे अपने आपको विशिष्ट और खूबसूरत महसूस करते हैं! और मेरे लिए खुशी से उछलते इन बच्चों को देखना एक अद्भुत नज़ारा होता है.

नाच-गाने के बाद आश्रम की रसोई में तैयार सुस्वादु भोजन पेश किया गया. उसके बाद केक काटा गया, आखिर उसके बगैर जन्मदिन समारोह अधूरा नहीं रह जाता! और जब सब लोग केक का अपने हिस्से का आखिरी टुकड़ा मुंह के हवाले कर चुके तब फूलों की वर्षा होने लगी! बच्चे सुबह से ही उमंग में भरे स्वेच्छा से करीब 70 किलो गुलाब और गेंदा जैसे रंग-बिरंगे फूलों की डंठल को बड़ी मेहनत से अलग करने में लगे थे शाम को फूलों की होली खेलने के लिए! और फिर हम सब एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा करते हुए आनंद-निमग्न हो गए!

सभी आनंद विभोर हो रहे थे! हमारे मेहमान, हम खुद, स्थानीय और बाहर से आए हमारे सभी मित्र और सबसे अधिक बच्चे मस्ती में पागल हो उठे थे! और सबसे ऊपर, हम एक बार फिर इस विचार पर बहुत खुश हुए कि हमारे बच्चों के लिए यह एक बहुत खास मौका था. एक ऐसी पार्टी जिसमें शामिल होने का मौक़ा उन्हें बार-बार नहीं मिलता। उनकी शादियों तक में इतने मेहमान नहीं जुटते होंगे और न ही ऐसा ज़ायकेदार खाना परोसा जाता होगा. लेकिन हम सदा ऐसे समारोह आयोजित करते रहेंगे-क्योंकि उनसे इन बच्चों को और हम सभी को ख़ुशी प्राप्त होती है!

 

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