भारतीय ऐसा क्यों सोचते हैं कि पश्चिमी महिलाओं के साथ यौन संबंध स्थापित करना आसान होता है?-20 मई 2013

आश्रम

आज मैं आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताना चाहता हूँ जो हमारे आश्रम में घटित हुई थी। हमें आज तक ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ था और भविष्य में भी ऐसा न हो इस बारे में हमने पर्याप्त व्यवस्था कर दी है। हुआ यह कि हमारी एक महिला मेहमान के हमारे एक कर्मचारी के साथ कुछ ज़्यादा ही अंतरंग संबंध हो गए थे। जी हाँ, उस पश्चिमी मेहमान ने हमारे कर्मचारी से यौन संबंध स्थापित कर लिए थे। यह पता चलने के बाद हम कितने अचंभित रह गए होंगे आप कल्पना कर सकते हैं। यह सब कैसे हुआ, मैं बताता हूँ।

वह महिला कई हफ्तों से हमारे आश्रम में मेहमान की तरह रह रही थी और हमारे विश्रांति सत्रों में सहभागिता किया करती थी। वह लगभग 45 साल की महिला थीं और पहली बार भारत आई थी। आश्रम में उसे बहुत अच्छा लग रहा था और न सिर्फ उसने आश्रम में हम लोगों की संगति का बहुत आनंद लिया बल्कि हमारे कर्मचारियों के साथ भी वह बिल्कुल घुल-मिल गई, खासकर एक विशेष कर्मचारी के साथ!

एक दिन रमोना से उसने कहा कि उसके एक 20 साल के लड़के के साथ काफी अंतरंग संबंध हो गए हैं। उन्होंने एक-दूसरे का चुंबन लिया है और यौन संबंध भी स्थापित कर चुके हैं, लेकिन रमोना को बताने से पहले उनके संबंध किसी पर ज़ाहिर नहीं थे। रमोना से उसने अपनी बात की शुरुआत यह कहते हुए की थी, ‘शायद आप लोगों ने गौर किया होगा…’ और बाद में हम हमेशा इस बात को सोच-सोचकर हँसते रहते थे कि हम भी कितने गाफिल थे कि हमारे घर में यह सब होता रहा और हमें भनक तक नहीं!

यह एक विचित्र और गंभीर मामला था लेकिन हमने उसे हल्के-फुल्के ढंग से और जहां तक संभव था, सकारात्मक रूप में लिया। लेकिन पूरा मामला निपट जाने के बाद कई गंभीर विचार भी मन को मथने लगे। मैं सोचता हूँ कि कोई भी मालिक (employer) अपने कर्मचारी की ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं कर सकता और किसी होटल में होता तो उस कर्मचारी को कब का बर्खास्त कर दिया गया होता। मगर हमने ऐसा नहीं किया।

हम अपने कर्मचारियों के साथ मधुर संबंध बनाए रखने में विश्वास करते हैं और हमने विचार किया कि इस लड़के को बाहर करने से, जो हो चुका है वह बदलने वाला नहीं है। चाहे जो हो, उस महिला और उस लड़के से बात करने के बाद यह भी एकदम स्पष्ट था कि प्रस्ताव महिला की तरफ से आया था और उस लड़के ने सिर्फ उसे स्वीकार किया था। वह मज़ा क्यों न ले भई? यहाँ, भारत में, खासकर वृंदावन में, कोई भी लड़की बिना विवाह किए और विवाह के साथ आने वाली सारी जिम्मेदारियों को उस पर लादे बगैर उसके साथ सो नहीं सकती थी। और यहाँ एक असाधारण रूप से आकर्षक गोरी मेम, थोड़ी उम्रदराज मगर इन मामलों में ख़ासी अनुभवी महिला आश्चर्यजनक रूप से उसे मुफ्त उपलब्ध हो रही थी। मैं तो इसे बिल्कुल स्वाभाविक समझ रहा हूँ, क्या आप इसे प्राकृतिक नहीं मान पा रहे हैं? लेकिन अपने कर्मचारियों को हमें आगाह करना आवश्यक था कि ऐसा भविष्य में किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए।

आप सोच भी नहीं सकते कि इस तरह के मामले, खासकर जिसमें सेक्स भी जुड़ा होता है, कितने नाज़ुक होते हैं। जबकि कुछ दूसरे कर्मचारी भी इस बारे में जानते होंगे, हम इसे मामूली बात समझकर कि एक लड़का किसी महिला मेहमान के साथ सो लिया तो कौन सी बड़ी बात हो गई, सोचकर छोड़ नहीं सकते थे। बात खुल जाने पर वह स्वयं ही इतना शर्मिंदा हो जाता कि बौखलाहट में खुद ही आश्रम से भाग खड़ा होता। तो इसलिए हमने सीधे उसी से बात करना मुनासिब समझा और उसे शर्मिंदगी से बचा लिया। इस विकल्प के साथ कि वह काम पर बना रह सकता है हमने उसे और दूसरे कर्मचारियों को आइंदा के लिए आगाह कर दिया कि किसी भी हालत में कोई भी कर्मचारी किसी मेहमान के इतना करीब नहीं आएगा, बल्कि उनसे एक सम्मानजनक दूरी भी बनाकर रखेगा।

इतना वक़्त गुज़र जाने के बाद अब लगता है कि वह एक मज़ेदार और रसपूर्ण वाकया था और उम्मीद करनी चाहिए कि उससे हमारे कर्मचारियों ने कोई न कोई सीख प्राप्त की होगी। लेकिन यहाँ यह बात मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ-और यह बात इस घटना को एक कटु आयाम प्रदान करती है- कि इस घटना से भारतीयों की नज़र में पश्चिमी महिलाओं की स्थापित छवि में कोई बेहतरी नहीं आती। सभी जानते हैं कि भारतीयों के दिमाग में पश्चिम के लोगों के ‘मुक्त यौन व्यवहार’ को लेकर बहुत ही गलत धारणाएँ हैं। आम भारतीय सोचता है कि पश्चिमी महिला किसी भी राह चलते के साथ कभी भी सोने के लिए तैयार हो जाती होगी! वैसे तो यह एक बेहद मूर्खतापूर्ण पूर्वाग्रह है, मगर इस तरह की घटनाएँ उनके इस पूर्वाग्रह को पुष्ट ही करती हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।

लेकिन मुझे तो यही लगता है कि हमें खुश होना चाहिए कि हमारी मेहमान की छुट्टियाँ बहुत सुखद रहीं और हम और हमारे कर्मचारियों ने उसे खुश रखने के लिए सब कुछ किया। हाँ, निस्संदेह भविष्य में हमारे मेहमान ऐसी ‘विशिष्ट’ आवभगत से महरूम रहेंगे!

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