सामान्य टूरिस्ट गाइडों से हम किस तरह अलग हैं? 22 जुलाई 2015

आश्रम

पिछले दो ब्लॉगों में मैंने आपको बताया कि कैसे हमारे आश्रम में एक टूर गाइड आया जो चाहता था कि अपने कमीशन में से एक हिस्सा हमें नियमित रूप से दे दे। बिल्कुल शुरू ही में मैंने ज़िक्र किया था कि आम टूर गाइडों से हम बहुत अलग तरह से यह काम करते हैं और इसी अंतर को अपने व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं। ठीक इसी बात को और स्पष्ट करने के लिए मैं आज का ब्लॉग लिखना चाहता हूँ।

पिछले दो दिनों के ब्लॉग पढ़कर आप भी इस बारे में समझ गए होंगे। मैंने बताया था कि हमारे कर्मचारी लोगों से टिप (बख्शीश) नहीं माँगते, बल्कि इसके विपरीत, हम अपने मेहमानों से हमारे किसी भी कर्मचारी को टिप न देने की गुज़ारिश करते हैं। कारण है- समानता, निष्पक्षता। हम चाहते है लोग प्रसन्न और संतुष्ट हों। यह उनके लिए भी सच है जो यहाँ काम करते हैं और उनके लिए भी जो यहाँ विश्रांति प्राप्त करने या किसी प्रशिक्षण हेतु आते हैं या पर्यटक के रूप में आते हैं! संतोष की मुख्य बात यह होती है कि जो उन्हें प्राप्त होता है, उसकी जायज़ कीमत वे अदा करते हैं और कोई उनका गलत लाभ नहीं उठाता। हम सिर्फ ग्राहक नहीं बनाना चाहते, हम दोस्त बनाना चाहते हैं!

भारत भर के टूर और पर्यटन प्रस्ताव हम तब लेकर आए जब दोस्तों ने हमसे इनके लिए खुद कहा। उन लोगों ने कहा, जो पहले से हमें जानते थे और जो इस आशा से हमारे आश्रम में मेहमान बनकर आते थे कि हम उनके पर्यटन कार्यक्रमों की व्यवस्था में सहायता करेंगे। उन्हें आशंका होती थी कि कहीं उनके साथ धोखाधड़ी न हो, कोई दुर्व्यवहार न हो। कुछ लोगों के साथ पहले ऐसा हो चुका होता था और वे आश्वस्त होना चाहते थे, इसलिए हमारे पास आते थे कि हम उन्हें सही जानकारियाँ और घूमने-फिरने की उचित राय देंगे और मदद करेंगे।

इन सब बातों का ध्यान रखते हुए हमने यह प्रस्ताव रखा कि खुद मेरे भाई यशेन्दु और पूर्णेन्दु उनके साथ गाइड के रूप में जाएँगे और आज तक यही व्यवस्था लागू है। अगर वे यहाँ नहीं हैं तो हम कोई टूर कार्यक्रम नहीं रखते क्योंकि आज तक हमें ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिल पाया है, जो इतना विश्वसनीय हो कि अपने मेहमानों के साथ उसे भेजा जा सके। अपने मेहमानों को हम उसके भरोसे छोड़कर निश्चिन्त हो सकें। वास्तव में इसे हम अपना कर्तव्य समझते हैं कि अपने मित्रों को हर तरह के कमीशन व्यापार से मुक्त रखें, जिसमें सामान्य टूर गाइड खुले आम, धड़ल्ले के साथ लिप्त रहते हैं!

आप कल्पना नहीं कर सकते कि न जाने कितनी बार मेरे भाइयों को विदेशी पर्यटकों की खरीदी पर दुकानदारों ने 80-80 प्रतिशत तक कमीशन देने का प्रस्ताव रखा! लेकिन हम यह नहीं करते! वे आपके साथ दुकान पर खड़े होंगे और अगर आप चाहेंगे तो दुकानदार के साथ मोल-भाव भी करेंगे, जिससे आपको उचित कीमत पर आपकी मनचाही वस्तु मिल सके! जब आप पूछेंगे कि दुकानदार द्वारा बताई जा रही कीमत पर सामान खरीदना ठीक होगा या नहीं, वे आपको सच्चा और प्रामाणिक जवाब देंगे! जहाँ आप सैर करना चाहेंगे, जहाँ जाना चाहेंगे, वे पूरी कोशिश करेंगे कि आप उचित खर्च पर वहाँ जाकर वहाँ का लुत्फ उठा सकें। भारत में गाइडेड टूर लेना हो तो हमारे साथ दूसरी और सुविधाओं के अलावा यह एक अतिरिक्त लाभ भी आपको हो जाता है!

इसके साथ ही, हमारा ड्राईवर भी पूरी तरह विश्वास-योग्य है अतः जो भी उसके साथ कहीं आना-जाना चाहता है, निश्चिंत होकर उसके साथ कहीं भी जा सकता है। न दुर्घटना की चिंता, न ही पर्यटन-स्थलों से बाहर निकलने पर उसे खोजने की ज़रूरत। न कहीं भटकने का डर, न इस बात का कि वह किसी मिलीभगत वाली दुकान पर आपको ले जाएगा और बाद में आकर अपना मोटा कमीशन प्राप्त लेगा!

हम आशा करते हैं कि किसी न किसी दिन हमें एक ऐसा गाइड मिल जाएगा, जिस पर हम पूरा भरोसा कर सकेंगे लेकिन तब तक हमें खुद अपने आप पर निर्भर रहना होगा। लेकिन एक बात तय है, मैं किसी को भी एक ऐसे व्यक्ति के साथ कहीं नहीं भेज सकता, जिस पर मुझे पूरा भरोसा नहीं है कि वह उसके साथ धोखेबाज़ी नहीं करेगा!

और इसी बात पर, मेरे मित्रों, हम दूसरे गाइड टूरों से अलग हैं!

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