3 तरह के लोग, जो हमारे आश्रम में रहना पसंद करते हैं – 12 फरवरी 2015

कल मैंने आपको बताया था कि हमारे पास धार्मिक रुचियों वाले कई लोगों के ईमेल आते हैं, जो हमारे आश्रम आना चाहते हैं लेकिन स्वाभाविक ही उनकी धार्मिक अपेक्षाओं को पूरा करना हमारे लिए संभव नहीं होता। मैंने यह भी बताया था कि कैसे उनके ईमेल या चिट्ठियों की पंक्तियों से या उनकी भाषा से ही आप उनके सोच की दिशा और उनके इरादे भाँप सकते हैं। यह सही है कि आश्रम आने की इच्छा व्यक्त करते हुए कभी-कभी हमें ऐसे सन्देश प्राप्त होते हैं लेकिन अधिकतर संदेश ऐसे लोगों के होते हैं, जो इनसे ठीक विपरीत विचार और भावनाएँ रखते हैं।

वास्तव में दूसरी तरह के ईमेल हमारे पास ज़्यादा आते हैं। खुले तौर पर धार्मिक लोगों के अलावा, जिनके बारे में मैंने कल लिखा था, तीन तरह के लोगों से आज आपको मिलवाना चाहता हूँ, जो हमसे आश्रम के बारे में पूछताछ करते हैं।

1) सामान्य स्त्री पुरुष जो तनाव मुक्ति की खोज में यहाँ आते हैं

पहले 'वर्ग' में वही 'मुख्यधारा' के लोग होते हैं, जो कॉर्पोरेट दुनिया की तनाव और भागदौड़ वाली ज़िन्दगी से ऊबकर और अपने काम की, घर की और आम जीवन की गुमनामी से आजिज़ आकर सुकून की खोज में यहाँ आते हैं। ये लोग जीवन में अकेलापन और अवसाद महसूस करते हैं और शान्ति, तनाव मुक्ति, यहाँ तक कि अपनी शारीरिक तकलीफों के इलाज के लिए यहाँ आते हैं। वे ऐसे उपाय चाहते हैं, जिनकी सहायता से उनके विभिन्न व्यसनों, शारीरिक व्याधियों का इलाज हो सके, कुछ ऐसे व्यायाम सीख सकें, जो उन्हें उनके मौजूदा दर्द से राहत प्रदान कर सकें और भविष्य में भी उन्हें होने से रोक सके।

निश्चय ही हर तरह के लोगों के लिए हमारे दरवाज़े खुले हैं क्योंकि हम जानते हैं कि योग और आयुर्वेद विज्ञान के अंग हैं, जो न सिर्फ शारीरिक व्याधियों में बल्कि मानसिक शान्ति के लिए भी बहुत उपयोगी हैं। हमारे आश्रम में कुछ दिन ठहरकर ही उन्हें बहुत लाभ हो सकता है-और हम जीवन के हर पड़ाव पर स्थित, हर स्तर के, हर क्षेत्र में काम करने वाले और हर जगह के लोगों को मित्र बनाकर और उनके बारे में जानकर खुश होते हैं!

2) स्वास्थ्य-सचेत लोग जिन्हें अधिक से अधिक ज्ञान प्राप्त करने की लालसा होती है

हमसे पूछताछ करने वाले दूसरे प्रकार के लोग वे होते हैं, जो अपने शरीर और इस धरती के लिए निरापद वैकल्पिक जीवन-चर्या में रुचि रखते हैं। वे निरामिष, शाकाहारी, कच्चा खाने वाले, चिकित्सक, मालिश इत्यादि और वैकल्पिक चिकित्सा में दिलचस्पी रखने वाले और ऐसे ही कई तरह के लोग होते हैं। कोई भी, जो यह जानता है कि योग और आयुर्वेद उसे एक और दृष्टिकोण, अतिरिक्त ज्ञान और बहुत सी नई टिप्स और जीवन-शैली से परिचित कराएगा, उन्हें जानने-समझने में मदद करेगा, जीवन में नए परिवर्तन लाने में सहायक होगा।

हम इन लोगों का खुले मन से, बाहें फैलाकर स्वागत करते हैं और हमारे पास जो कुछ भी है, उनके साथ साझा करके खुश होते हैं और हम खुद भी उनके ज्ञान और अनुभवों से बहुत कुछ सीखते हैं। ज्ञान का आदान-प्रदान और एक दूसरे की सहायता-शानदार!

3) भारत यात्रा का सपना देखने वाले गूढ़ और रहस्यमय हिप्पी

गूढ़ और रहस्यमय बातों में रुचि रखने वाले लोग अगले वर्ग में आते हैं। ये लोग अपने आपको आध्यात्मिक या रूहानी कहते हैं लेकिन धार्मिक कहलाना पसंद नहीं करते। जो पुरुष और महिलाएँ दर्शन-शास्त्र और एक अलग तरह की जीवन-शैली में रुचि रखते हैं, जो दूसरों से, अपने समाज से अपने आपको ‘कुछ खास और अलग’ पाते हैं और उनके साथ तालमेल नहीं बिठा पाते। अपने आपकी खोज में वे अक्सर लंबी यात्राएँ करने के लिए तैयार होते है। इस बात को समझने के लिए कि आखिर वे क्या चाहते हैं, वे कौन हैं और उन्हें कौन सी बात खुश कर सकती है। वे अपने जीवन का गहरा अर्थ खोजना चाहते हैं और उसे योग और आयुर्वेद के माध्यम से समझने की कोशिश करने के लिए तत्पर हैं।

मैं हिप्पी शब्द का इस्तेमाल कर रहा हूँ लेकिन बहुत से लोग, भले ही इस वर्ग में आते हों, अपने आपको इस नाम से जोड़ना नहीं चाहेंगे और इस ओर ध्यान नहीं देंगे। मैं जानता हूँ कि इन लोगों के लिए भी हमारे दिल खुले हुए हैं और हमें इस बात की खुशी है कि अक्सर हम इन लोगों के लिए स्वर्ग साबित हो सकते हैं, ऐसी शीर्ष जगह, भारत में आने के बाद जिनके यहाँ वे निःसंकोच भ्रमण कर सकते हैं-क्योंकि अक्सर देखा यह गया है कि यह देश उनकी उम्मीदों से बिल्कुल अलग सिद्ध होता है। जैसा कि मैंने कल बताया, निश्चय ही हमारे आश्रम में उन्हें एक ऐसी जगह मिल जाती हैं, जहाँ धार्मिक कट्टरता और कूपमंडूकता का कोई स्थान नहीं है। इस दीवाने मुल्क से हम धीरे-धीरे उनका परिचय करवाते हैं और अपने जीवन में उन्हें शामिल करके, अपने प्यार और जीवंतता से उन्हें अपना बनाकर, हम आशा करते हैं कि उनकी तलाश में, उनकी खोज में उनकी मदद कर सकेंगे।

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