जब अपरा ने शेर को नहलाया – 28 सितंबर 2015

कुछ दिन पहले दोपहर के समय अपरा ने धड़धड़ाते हुए हमारे ऑफिस में प्रवेश किया। रमोना कंप्यूटर पर काम कर रही थी और अपरा की आहट सुनकर उसने पलटकर देखा। अपरा ने अपने कपड़ों से हाथ बचाते हुए हाथ आगे कर दिए और कहा, 'माँ, मुझे हाथ धोना है!'

रमोना ने उसके हाथों की ओर देखा- वे तो साफ़ थे। फिर भी वह उसके साथ बाथरूम की ओर जाने लगी और रास्ते में पूछा, 'तुमने अपने हाथ कहाँ गंदे कर लिए?’

‘मैं अपने शेर को धो रही थी,’ उसने जवाब दिया। उसका इशारा उसके कमरे में भूसा भरकर रखे बड़े से स्टफ़्ड शेर की तरफ था।

‘काहे से?’ रमोना ने पूछा, जैसे वास्तव में जानना चाहती हो। ‘पानी से?’

‘अरे नहीं। ऐसे ही,’ दरवाजे से बाथरूम में प्रवेश करते हुए अपरा ने कहा।

‘लेकिन काहे से? कपड़े से, ब्रश से या किसी और चीज़ से? काहे से?’ रमोना ने ज़ोर देकर कहा कि बच्ची कुछ विस्तार से बताए।

‘हाँ, कपड़े से,’ पुनः संक्षिप्त सा जवाब आया और अब अपरा एक कुर्सी खींचकर बेसिन के सामने कुर्सी पर चढ़कर खड़ी हो गई थी।

‘गीले कपड़े से?’ रमोना ने आगे पूछा। हालांकि उसके जवाब का अनुमान वह लगा चुकी थी, जवाब उसके अनुमान से अधिक विस्तृत था:

‘हाँ, गीले कपड़े से और साबुन लगाकर! अब उसे छूना मत नहीं तो तुम्हारे हाथ भी गंदे हो जाएँगे!’ बेटी ने आगाह करते हुए कहा।

इस बिन्दु पर मैं भी वहाँ पहुँच गया था और रमोना ने, जो अपने काम के बीचोंबीच उठकर आई थी, मुझसे कहा, ‘क्या तुम इस शेर वाली समस्या को देख सकते हो?’ 🙂

खैर, एक समर्पित पति और पिता को क्या-क्या नहीं करना पड़ता? स्वाभाविक ही, शेर की सफाई करना उसके काम का ही हिस्सा है!

तब अपरा, प्रांशु और गुड्डू की संयुक्त कमान लेकर हम उस विशाल शेर को बाथरूम तक लेकर आए और साबुन में सनी उसकी पूँछ को तब तक धोते रहे जब तक कि पूँछ से साबुन का फोम निकलना बंद नहीं हो गया। उसके बाद अपरा ने एक टॉवल लेकर उसकी पूँछ को सुखाया और लड़कों ने कमरे को सुखाया। अब वह किसी स्वीमिंग पूल के शावर रूम जैसा नहीं लग रहा था!

अपने लिए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर लेने के बाद अपरा बहुत संतुष्ट है: शेर अब बहुत साफ-सुथरा नज़र आ रहा है और अपरा भी इतना मज़ेदार और रोमांचक समय बिताकर बहुत खुश है!

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