अपरा का पहला जन्मदिन – 9 जनवरी 13

9 जनवरी – एक बेहद ख़ास दिन! अपरा ठीक एक वर्ष की हो गई है और हम उसका पहला जन्मदिन मना रहे हैं!

आज सुबह अपरा की नींद खुलने से पहले, रमोना और मैं उस दिन से जुड़ी यादों के बारे में बात कर रहे थे जिस दिन उसका जन्म हुआ। रमोना की बिस्तर के ठीक बगल में लगी मशीन उनके पेट पर लगे सेंसर की मदद से किस तरह अधिक आवाज़ में हमें उसकी धड़कनों को सुना रही थी। “पदम, पदम, पदम….” पूरी रात हमने ये आवाज़ सुनी थी, इसे हमारे बच्चे के स्वस्थ होने की निशानी मानते हुए। अस्पताल में हमने वास्तव में अच्छा समय बिताया, आगे की ओर देखते हुए, प्रतीक्षा और कल्पना में रत। देर शाम जब हमने उसे पहली बार देखा, बिल्कुल नई-नवेली, आंखे अभी भी स्थूल, पर चेहरे पर मुस्कुराहट!

अब वह एक वर्ष की हो गई है और हमें यक़ीन नहीं हो रहा! यह एक बेहतरीन वर्ष था, जिसमें वह तेज़ी से बढ़ी और दुनिया को देखना-समझना-ढूंढ़ना शुरू किया। लेकिन बेशक हमें अम्माजी भी याद आती हैं, जो हमारे साथ अस्पताल में थीं और जिनकी सबसे बड़ी कामना हमारी बेटी के जन्म के रूप में पूरी हुई थी। उनके निधन को अब एक महीना हो चला है और हम उन्हें बहुत याद कर रहे हैं, ख़ासकर आज।

ख़ैर हम किसी बड़े उत्सव का मन नहीं बना रहे हैं जैसा कि हमने अम्माजी के गुज़रने से पहले सोचा था और एक दूसरा कारण यह भी है कि अपरा का स्वास्थ्य अभी ठीक नहीं है। वह पिछले एक सप्ताह से बीमार है, पहले से ज़ुकाम तो था ही बाद में डायरिया ने मुश्किलें और बढ़ा दी। डॉक्टर से मिलने के बाद हमने उसे दवा देनी शुरू कर दी है, लेकिन मैं बता दूं यह ज़िंदगी के मेरे सबसे मुश्किल कामों में से एक रहा है! यह नन्ही लड़की दवा पीना चाहती ही नहीं! सारे नुस्खे धरे रह गए, किसी भी चीज़ में मिलाकर दो, वो पहचान लेती है – बिस्कुट में, शहद में, पानी में, दही में, चॉकलेट में – जैसे ही उसकी जीभ चालाकी से तैयार खाने या पानी को छूती है, वह तपाक से अपना सिर उठाकर जीभ को अपने होठों में वापस लाकर मज़बूती से बंद कर लेती है। उसे पकड़कर ज़बरदस्ती दवा पिलाने का मतलब है उसका रोना और अंततः सारी दवा का मुंह से बाहर आ जाना। उसने ‘दवाई’ शब्द को पहचानना शुरू कर दिया था और फिर हमें दवाई को दूसरी तरह से समझाना पड़ता ताकि वो इसका नाम सुनते ही रोना न शुरू कर दे। आप समझ सकते हैं पिछले कई दिन किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

अंततः दवा की एक बूंद उसके मुंह में डालने के लिए चार व्यस्कों को उसके आस-पास गाते हुए, उछलते हुए, खेलते हुए, हंसाने वाली आवाज़ें निकालते हुए नृत्य करना पड़ा। हर बार दवा पिलाने में कम से कम एक घंटा लगता। अगर किसी ने इसे रिकॉर्ड किया होता तो आपका अभी अच्छा मनोरंजन होता। महत्वपूर्ण बात हालांकि यह है कि आखिरकार अब वह स्वस्थ हो रही है।

हम कोई बड़ा आयोजन नहीं करेंगे, लेकिन निश्चित रूप से हम यह खुशी मनाएंगे। हमने इसकी शुरुआत स्कूल के बच्चों में स्वेटर बांटकर कर दी है। शाम को बढ़िया भोजन और निश्चित रूप से केक के साथ हम जन्मदिन मनाएंगे। हम गाएंगे, अपरा अपने गिफ़्ट अनपैक करेगी और शायद हम अपने कुछ मित्रों का संगीत सुनें। एक शांत और सुंदर शाम – देखते हैं अपरा इसके बारे में क्या सोचती है!

मेरी नन्ही-सी जान को जन्मदिन पर मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं!

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