हिंसा और दंगा: विध्वंस से आपको क्या प्राप्त होता है? – 1 मई 2009

आज हम लोग रात का खाना खाने बाहर गए थे और अपने पीज़ा का इंतज़ार करते हुए आज की छुट्टी के बारे में चर्चा कर रहे थे। जर्मनी में आज मई की पहली तारीख थी, मजदूर दिवस, और थॉमस और आइरिस ने बताया कि हर साल इस दिन लोग समूहों में सरकार और वर्तमान समाज व्यवस्था का विरोध और उसका प्रतिवाद करते हैं। और यह प्रतिवाद कई बार हिंसक भी हो जाता है और राष्ट्रीय सम्पदा को नुकसान पहुंचाने का कारण बन जाता है। वाहनों को आग के हवाले कर दिया जाता है और दुकानों और घरों में तोड़ फोड़ की जाती है। इससे विरोध करने वालों को कुछ भी प्राप्त नहीं होता। लोगों के घायल हो जाने की संभावना होती है और बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। लेकिन वे साल दर साल यह करते ही रहते हैं।

मैं जानता हूँ कि यह हर देश में होता है लेकिन मुझे समझ में नहीं आता कि क्यों कुछ लोगों का दिमाग हिंसा और विध्वंस में लिप्त होता है। यहाँ तक कि उन्हें इसमें मज़ा आने लगता है। ऐसा लगता है जैसे उनके लिए यह एक खेल और आनंद का बायस होता है जब कुछ टूटता है, कुछ नष्ट होता है या कोई घायल होता है या कोई आर्थिक नुकसान बरपा होता है।

जब मैं भारत में था तब मैंने किसी अखबार में पढ़ा कि सरकार ने इस तरह के हिंसक प्रतिवाद से निपटने के लिए अब एक कानून बना दिया है। जो समूह या संगठन इन हिंसक वारदातों में ज़िम्मेदार पाए जाते हैं या जो लोग मौका ए वारदात पर पकड़े जाते हैं उन्हें नष्ट हुई संपत्ति का मूल्य चुकाना पड़ता है। हम कई स्थानों में हमेशा ही ऐसा होता हुआ देखते हैं। आप समझ नहीं पाते कि लोग ऐसा क्यों करते हैं। अगर वे कुछ बना नहीं सकते तो फिर नष्ट क्यों करते हैं? मैं चाहता हूँ कि लोग अपनी संवेदना को जागृत करें और दूसरों को नुकसान पहुंचाने में खुशी तलाश करने से बाज आएँ।

Related posts

दीर्घ श्वासोच्छ्वास आपको क्रोध से बचाता है - 25 जनवरी 10

दीर्घ श्वासोच्छ्वास आपको क्रोध से बचाता है – 25 जनवरी 10

स्वामी बालेन्दु उस स्तिथी की चर्चा करते हैं जब आप क्रोध में चीजें उठाकर फेकने और लात घूसा चलाने की ...
लड़ाके लड़ाई जारी रखना पसंद करते हैं - 5 जुलाई 2009

लड़ाके लड़ाई जारी रखना पसंद करते हैं – 5 जुलाई 2009

स्वामी बालेन्दु अलग अलग लोगों के व्यक्तित्व और स्वभाव के विषय में लिखते हैं कि कुछ लोग तो लड़ाके होते ...
अहंकार और क्रोध से आवेशित प्रेम पवित्र नहीं होता - 9 जनवरी 2009

अहंकार और क्रोध से आवेशित प्रेम पवित्र नहीं होता – 9 जनवरी 2009

अहंकार और क्रोध से प्रभावित व्यक्ति अपने बच्चों के प्रति प्रेम को भी भूल जाता है| ...
मोह से कामना और कामना से क्रोध तक - 27 जुलाई 2008

मोह से कामना और कामना से क्रोध तक – 27 जुलाई 2008

स्वामी बालेन्दु गीता के अनुसार क्रोध का कारण बताते हैं| ...
अपने क्रोध को प्रेम से परास्त करो - 20 जुलाई 2008

अपने क्रोध को प्रेम से परास्त करो – 20 जुलाई 2008

स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि कैसे एक लड़की अपने प्रेमी के गुस्सैल होने की वजह से अपने सम्बन्ध उससे ख़त्म ...
जब क्रोध आये तो क्या करें? - 5 जून 2008

जब क्रोध आये तो क्या करें? – 5 जून 2008

स्वामी बालेन्दु इस प्रश्न का उत्तर देते हैं कि जब क्रोध आये तो क्या करें? ...
बिना दमन किए, बिना कष्ट उठाए क्रोध से कैसे निपटें? - 7 मई 2008

बिना दमन किए, बिना कष्ट उठाए क्रोध से कैसे निपटें? – 7 मई 2008

स्वामी बालेन्दु गुस्से से निपटने के कुछ व्यावहारिक उपाय बता रहें हैं| ...

Leave a Reply