बालेन्दु के ब्लॉग का यह अध्याय क्रोध के विषय में लिखा गया है. क्रोध भी एक सहज मानवीय भाव है. बालेन्दु यहाँ लिखते हैं कि क्रोध के क्या कारण हो सकते हैं और क्रोध का क्या निवारण हो सकता है.
क्रोध हमेशा ही बुरा नहीं होता बल्कि कभी आवश्यक भी होता है और बालेन्दु यहाँ यह भी लिखते हैं कि बिना किसी को कोई नुक्सान पहुंचाए आप कैसे अपने क्रोध को व्यक्त कर सकते हैं.
क्रोध की समस्या से निजात पाने और उसे काबू में रखने के क्या उपाय हो सकते हैं उसके विषय में यहाँ बालेन्दु के लेख आप पढ़ सकते हैं.
Category: क्रोध
स्वामी बालेन्दु उस स्तिथी की चर्चा करते हैं जब आप क्रोध में चीजें उठाकर फेकने ...
Read More
स्वामी बालेन्दु अलग अलग लोगों के व्यक्तित्व और स्वभाव के विषय में लिखते हैं कि ...
Read More
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि कैसे कुछ लोगों को तोड़फोड़ और दंगों में मज़ा आता ...
Read More
अहंकार और क्रोध से प्रभावित व्यक्ति अपने बच्चों के प्रति प्रेम को भी भूल जाता ...
Read More
स्वामी बालेन्दु गीता के अनुसार क्रोध का कारण बताते हैं| ...
Read More
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि कैसे एक लड़की अपने प्रेमी के गुस्सैल होने की वजह ...
Read More
स्वामी बालेन्दु इस प्रश्न का उत्तर देते हैं कि जब क्रोध आये तो क्या करें? ...
Read More
स्वामी बालेन्दु गुस्से से निपटने के कुछ व्यावहारिक उपाय बता रहें हैं| ...
Read More