धुम्रपान छोड़ने का तरीका – 31 मई 08

लत

चिकित्सा सत्र के दौरान एक महिला ने कहा कि , "मैं पिछले तीस सालों से धुम्रपान कर रही हूँ, इसकी आदी हो चुकी हूँ और इसे नहीं छोड़ सकती। मेरे फेफड़े पहले ही खराब हो गए हैं। मैंने इसे छोड़ने का प्रयास किया पर मैं अवसाद की शिकार हो गई और फिर से धुम्रपान शुरू कर दिया"।

मैंने उस महिला से कहा कि ये सिर्फ एक बहाना है। धुम्रपान छोड़ना आपकी इच्छा शक्ति और नीयत पर निर्भर करता है। सबसे पहले आपको निर्णय लेना है कि आप धुम्रपान छोड़ना चाहती हैं और आप एक मिनट में इसे छोड़ सकती हैं। अपने आप से वादा कीजिए कि आप सिगरेट को कभी हाथ भी नहीं लगाएंगी। इसकी वजह से आप मर भी जाएं उस स्थिति में भी नहीं। ये वादा कीजिए। आपको मुझसे नहीं बल्कि खुद से वादा करना है। मैं भरोसा दिलाता हूँ कि आप धुम्रपान के बिना मरेंगी नहीं।

धुम्रपान छोड़ने की योजना कल या किसी और समय मत बनाइए। आप अभी तक ये योजना बनाती रही है कि कल से मैं धुम्रपान छोड़ दूंगी, फिर अगले सप्ताह से… अगर आप कहेंगी कि ये मेरी आखिरी सिगरेट है, तो एक के बाद दूसरी, दूसरी के बाद तीसरी का बहाना चलता ही रहेगा और ऐसे में आखिरी सिगरेट कभी आ ही नहीं पाएगी। आपको अभी निर्णय लेना होगा। अगर आप अभी निर्णय नहीं लेंगी तो न मैं न ही कोई और आपकी सहायता कर पाएगा। ऐसे में तो भगवान भी आपकी सहायता नहीं कर सकते। निर्णय लेने के बाद आपको सिगरेट और लाइटर्स को फेंकने का काम करना है।

सिगरेट आप पर नियंत्रण क्यो रख रही है? आप सिगरेट पी रही हैं या सिगरेट आपको? इसे फेंक दीजिए? आपको इस पर दृढ़ रहना होगा कि आप सिगरेट को कभी नहीं छुएंगी। मैं उम्मीद करता हूँ कि आप निर्णय लेंगी। मैं आपको एक छोटा सा तरीका बताता हूँ: दालचीनी का छोटा सा टुकड़ा जीभ पर रखिए और घुलने दीजिए। इसे चबाना नहीं है। ये आपकी निकोटिन की इच्छा को कम करेगा। हालांकि ये आपकी 30 प्रतिशत ही सहायता कर पाएगा। बाकी 70 प्रतिशत आपकी इच्छा शक्ति और निर्णय से आएगा। मैं आपको ये सकारात्मक उर्जा देना चाहता हूँ ताकि आप ठोस निर्णय लें और घर जाकर सिगरेट को बाहर फेंक दें।

शाम के समय मेरी कार्यशाला थी। मौसम बहुत अच्छा था इसलिए हमने ये बगीचे में किया। जब हमने शुरू किया तो काले बादल हमारी ओर आते दिखे और जब मैं भूमिका बता रहा था तभी बारिश होने लगी। इसलिए हम ईरा के बैठक के कमरे की ओर बढ़ गए। बगीचे की तुलना में वहाँ जगह कम थी लेकिन बारिश की आवाज से माहौल बेहद अच्छा हो गया था।

%d bloggers like this:
Skip to toolbar