भारत और विदेशों में कानूनी रूप से मान्य ड्रग: धुम्रपान और शराब – 19 सितम्बर 08

सुबह-सुबह होटल में नाश्ता करते हुए हम पुष्कर की खूबसूरत झील देख रहे थे। हमें आज वृंदावन वापस जाना था। यहां अच्छे दिन बिताने के बाद हमें वापस जाने की बहुत खुशी थी।

कल मैंने पर्यटकों और ड्रग के बारे में बात की थी। रमोना और मैंने इस विषय पर फिर से बात की उसने मुझे बताया कि स्कूल में उन्होंने कानूनी और गैर-कानूनी ड्रग के बारे में जाना। मेरे लिए ये बेहद अजीब सी बात थी कि शराब कानूनी ड्रग थी। शायद यही वजह है कि लोग समझते हैं कि ये कानूनी है तो इसके सेवन में कोई समस्या नहीं है। धुम्रपान और शराब के सेवन में आम धारणा यही है कि ये कानूनी, सामान्य और पूरी तरह से स्वीकार्य है।

मैंने इस स्थिति की तुलना भारत में भी की। यहाँ बात कानूनी या गैर-कानूनी की नहीं है बल्कि आम धारणा या विचार की है। भारत में शराब पीना कानूनी रूप से मान्य है पर ऐसा समझा जाता है कि शालीन लोग इसका सेवन नहीं करते। यही विचार धुम्रपान के लिए भी है। खासकर तब जब आपके सामने आपकी उम्र से बड़ा व्यक्ति खड़ा है। यहाँ धुम्रपान या शराब पीने वाले लोग इसे छुपाते हैं। वो दूसरों के सामने धुम्रपान नहीं करते क्योंकि उन्हें ये सही नहीं लगता। यही वजह है कि यहाँ भारत में धुम्रपान की तलब इतनी ज्यादा नहीं होती। इसलिए ऐसे देश में जहाँ ये मान्य है कोई 10 सिगरेट और जहाँ उसके लिए निजी स्थान ढ़ूढ़ना पड़े वहाँ व्यक्ति 3 सिगरेट पीता है।

कभी-कभी मुझे हैरानी होती है कि जो लोग हर घंटे 1 या 2 सिगरेट पीते हैं 7 या 12 घंटे की फ्लाइट में कैसे रह पाते हैं। वहाँ तो धुम्रपान निषेध होता है। मैं जानता हूँ कि निकोटिन बैच और च्विंग गम होते हैं पर हर व्यक्ति इसका इस्तेमाल नहीं करता। नशे का आदी होना मूल रूप से व्यक्ति के मन का प्रश्न है। ये चाहते हैं तो सिगरेट के बिना आधा दिन बिता लेते हैं पर फिर समझने लगते हैं कि धुम्रपान के बिना वो जी नहीं पाएंगे। अगर आप आधा दिन इसके बिना बिता सकते हैं तो एक या तीन दिन भी बिता सकते हैं। इसी तरह एक सप्ताह, एक महीना, एक साल और पूरी जिन्दगी भी। ये मन और दृढ़ता का प्रश्न है।

Related posts

सितारों के चमक के पीछे छिपा अंधेरा - सितारों के चमचमाते जीवन की वास्तविक सच्चाई - 14 मार्च 12

सितारों के चमक के पीछे छिपा अंधेरा – सितारों के चमचमाते जीवन की वास्तविक सच्चाई – 14 मार्च 12

स्वामी जी ने उन लोगों के बारे में लिखा है जो अपने जीवन की तुलना सितारों के जीवन से करते ...
गांधी को भूले अन्ना - अन्ना हजारे ने किया शराबियों को पीटने का समर्थन - 28 नवम्बर 11

गांधी को भूले अन्ना – अन्ना हजारे ने किया शराबियों को पीटने का समर्थन – 28 नवम्बर 11

स्वामी बालेंदु ने अन्ना हजारे के उस बयान के बारे में लिखा है, जिसमें उन्होंने शराबियों से शराब छुड़ाने के ...
गर्भस्थ शिशुओं को विष पिलातीं माताएं – 1 अगस्त 11

गर्भस्थ शिशुओं को विष पिलातीं माताएं – 1 अगस्त 11

स्वामी जी ने उन माताओं के बारे में लिखा है, जो यह जानते हुए भी कि गर्भावस्था में एक अजन्मे ...
कोकीन और दूसरे ड्रग्स से ज्यादा खतरनाक है शराब, परन्तु फिर भी कानूनी है – 10 नवम्बर 10

कोकीन और दूसरे ड्रग्स से ज्यादा खतरनाक है शराब, परन्तु फिर भी कानूनी है – 10 नवम्बर 10

स्वामी जी एक शोध के बार में लिखते हैं, जिसमें यह सिद्ध किया गया है कि शराब कोकीन, हेरोइन सहित ...
रुस के वित्त मंत्री ने धुम्रपान और शराब को दिया बढ़ावा - 4 सितम्बर 10

रुस के वित्त मंत्री ने धुम्रपान और शराब को दिया बढ़ावा – 4 सितम्बर 10

स्वामी जी ने रुस के वित्त मंत्री के बारे में लिख रहे हैं जिसने सामाजिक सहायता के लिए लोगों को ...
लत न छोड़ने के दिलचस्प बहाने - 27 जुलाई 10

लत न छोड़ने के दिलचस्प बहाने – 27 जुलाई 10

स्वामी जी के साथ चिकित्सा सत्र के एक मामले के बारे में पढ़ें। इसमें एक महिला ने समझाया कि यह ...
पार्टियों में शराब और सिगरेट की जरूरत नहीं है और गर्भावस्था में तो बिलकुल भी नहीं है - 3 जुलाई 09

पार्टियों में शराब और सिगरेट की जरूरत नहीं है और गर्भावस्था में तो बिलकुल भी नहीं है – 3 जुलाई 09

स्वामी जी कानूनी ड्रग जैसे शराब और निकोटिन के बारे में लिख रहे हैं। अगर आप खुलकर नाचना चाहते हैं ...
शराब के बिना जश्न मनाकर देखिए - 2 जुलाई 09

शराब के बिना जश्न मनाकर देखिए – 2 जुलाई 09

स्वामी जी शराब के बारे में लिख रहे हैं कि कैसे ये कई लोगों के लिए मौज मस्ती का जरिया ...
शराब की लत - किसी भी व्यसन को अपने जीवन की कमान मत सौंपिए - 12 दिसंबर 08

शराब की लत – किसी भी व्यसन को अपने जीवन की कमान मत सौंपिए – 12 दिसंबर 08

स्वामी जी लिखते हैं कि उस समय आपको क्या करना चाहिए, जब आपको लगे कि शराब आपके जीवन पर नियंत्रण ...
नशे के आदी बच्चों के माता-पिता क्या करें - 11 दिसम्बर 08

नशे के आदी बच्चों के माता-पिता क्या करें – 11 दिसम्बर 08

स्वामी जी ने उन बच्चों और किशोरों के बारे में लिखा है जो स्मोकिंग और ड्रिकिंग शुरू कर देते हैं। ...

Leave a Reply